Please wait...
/
-
घोष वर्णों की संख्या है।
भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है जिसे लिखित रूप में वर्ण कहा जाता है। वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते है।
घोष - जिन वर्णों के उच्चारण में, स्वर तंत्रियों में ध्वनि का कम्पन हो, इनकी संख्या 31 होती है।
उदाहरण - इसमें सभी स्वर "अ से ओ" तक और
ग, घ, ङ
ज, झ, ञ
ड, ढ, ण
द, ध, न
ब, भ, म
य, र, ल, व, ह
“अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह” के लिए एक शब्द होगा।
अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग वाक्यों में एकार्थी शब्द कहलाते है।
“अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह” वाक्य के लिए एक शब्द पोताधान होता है।
अन्य शब्दों के एकार्थी शब्द -
अँधेरी रात - तमिस्रा
अधिक रोएँ वाला - लोमश
अमावस्या की रात - कुहू
करोड़ शब्द का तत्सम रूप पहचानिए।
तत्सम दो शब्दों से मिलकर बना है – तत +सम , जिसका अर्थ होता है ज्यों का त्यों। जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
करोड़ (तद्भव) का तत्सम रूप कोटि (तत्सम) है।
अनेकार्थक शब्द अच्युत के लिए निम्न में से गलत विकल्प का चयन कीजिए।
अनेकार्थक शब्द - जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें 'अनेकार्थी शब्द' कहते है।
अच्युत के अनेकार्थक शब्द कृष्ण, स्थिर, अविनाशी आदि इतर, अच्युत का अनेकार्थी शब्द नहीं है।
इतर का अनेकार्थी शब्द अपर, दूसरा, पंखहीन
निम्न में से साधारण वाक्य का चयन कीजिए।
ऐसे वाक्य जिसमे एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य या एक ही विधेय होता है, ऐसे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं। सरल वाक्य को साधारण वाक्य भी कहा जाता है।
दिए गए विकल्पों में साधारण वाक्य मैं परीक्षा में सफलता हूँ
“जो पहले नहीं हुआ“ में कौन सा समास है?
समास का तात्पर्य है ‘संक्षिप्तीकरण’। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं।
अव्ययाभाव समास - जिस समास का पूर्व पद प्रधान हो, और वह अव्यय हो उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। जैसे - यथामति (मति के अनुसार)
“जो पहले नहीं हुआ“ = अभूतपूर्व (अव्ययभाव समास)
सूर और शूर का क्या अर्थ है?
भिन्नार्थक शब्द का अर्थ होता है समान लगने वाला परन्तु भिन्न। जो शब्द सुनने में एक जैसे लगते हैं पर उनके अर्थ अलग होते हैं।
सूर (अँधा) = शूर (वीर)
Directions For Questions
निर्देश: नीचे दिए गए गधान्श को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
आज के इस भौतिक युग में यदि मनुष्य, मनुष्य के साथ सद्व्यवहार करना नहीं सीखेगा, तो भविष्य में वह एक-दूसरे का घोर विरोधी ही होगा। यही कारण है कि वर्तमान में धार्मिकता से रहित आज की यह शिक्षा मनुष्य को मानवता की ओर न ले जाकर दानवता की ओर लिए जा रही है।
जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है।
ऐसी स्थिति में विचार कीजिए कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ वाला हमारा स्नेहमय मूलमंत्र कहां गया? विश्व के सभी मनुष्य जब एक ही विधाता के पुत्र हैं और इसी कारण यह संपूर्ण विशाल विश्व एक विशाल परिवार के समान है,
तो पुन: परस्पर संघर्ष क्यों? यह विचार केवल आज का नहीं है। समय-समय पर संसार में प्रवर्तित अनेक प्रमुख धर्र्मो में इस व्यापक और परम उदार विचारकण का सामंजस्य पुंजीभूत है। मानवता मनुष्य का धर्म होती है।
...view full instructions
उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक क्या है?
जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है। सभी मनुष्य जब एक ही विधाता के पुत्र हैं और इसी कारण यह संपूर्ण विशाल विश्व एक विशाल परिवार के समान है,तो पुन: परस्पर संघर्ष क्यों?
अतः गद्यांश में मनुष्य द्वारा मानवता को हानि और मनुष्य को मनुष्य जाति का विरोधी बताया गया, दिए गए गद्यांश में उचित शीर्षक मनुष्य, मनुष्य का विरोधी है।
मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण किस लिए कर रहा है?
गद्यांश से, जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है।
गोदान उपन्यास के लेखक का नाम हैं।
हिन्दी के सर्वोत्तम साहित्यकारों में से एक उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया गोदान हिन्दी के ही नहीं बल्कि संसार में किसी भी भाषा का सबसे अच्छा उपन्यास है।
प्रेमचन की अन्य – गोदान, ग़बन, कर्मभूमि, निर्मला, प्रतिज्ञा
Correct (-)
Wrong (-)
Skipped (-)