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UP TET 2019 Hindi Test - 2
Result
UP TET 2019 Hindi Test - 2
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  • Question 1/10
    1 / -0

    घोष वर्णों की संख्या है।

    Solutions

    भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है जिसे लिखित रूप में वर्ण कहा जाता है। वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते है।

    घोष - जिन वर्णों के उच्चारण में, स्वर तंत्रियों में ध्वनि का कम्पन हो, इनकी संख्या 31 होती है।

    उदाहरण - इसमें सभी स्वर "अ से ओ" तक और

    ग, घ, ङ

    ज, झ, ञ

    ड, ढ, ण

    द, ध, न

    ब, भ, म

    य, र, ल, व, ह

     

  • Question 2/10
    1 / -0

    “अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह” के लिए एक शब्द होगा।

    Solutions

    अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग वाक्यों में एकार्थी शब्द कहलाते है।

    “अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह” वाक्य के लिए एक शब्द पोताधान होता है।

    अन्य शब्दों के एकार्थी शब्द -

    अँधेरी रात - तमिस्रा

    अधिक रोएँ वाला - लोमश

    अमावस्या की रात - कुहू

     

  • Question 3/10
    1 / -0

    करोड़ शब्द का तत्सम रूप पहचानिए।

    Solutions

    तत्सम दो शब्दों से मिलकर बना है – तत +सम , जिसका अर्थ होता है ज्यों का त्यों। जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।

    करोड़ (तद्भव) का तत्सम रूप कोटि (तत्सम) है।

     

  • Question 4/10
    1 / -0

    अनेकार्थक शब्द अच्युत के लिए निम्न में से गलत विकल्प का चयन कीजिए।

    Solutions

    अनेकार्थक शब्द - जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें 'अनेकार्थी शब्द' कहते है।

    अच्युत के अनेकार्थक शब्द कृष्ण, स्थिर, अविनाशी आदि इतर, अच्युत का अनेकार्थी शब्द नहीं है।

    इतर का अनेकार्थी शब्द अपर, दूसरा, पंखहीन

     

  • Question 5/10
    1 / -0

    निम्न में से साधारण वाक्य का चयन कीजिए।

    Solutions

    ऐसे वाक्य जिसमे एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य या एक ही विधेय होता है, ऐसे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं। सरल वाक्य को साधारण वाक्य भी कहा जाता है।

    दिए गए विकल्पों में साधारण वाक्य मैं परीक्षा में सफलता हूँ

     

  • Question 6/10
    1 / -0

    “जो पहले नहीं हुआ“ में कौन सा समास है?

    Solutions

    समास का तात्पर्य है ‘संक्षिप्तीकरण’। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं।

    अव्ययाभाव समास - जिस समास का पूर्व पद प्रधान हो, और वह अव्यय हो उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। जैसे - यथामति (मति के अनुसार)

    “जो पहले नहीं हुआ“ = अभूतपूर्व (अव्ययभाव समास)

     

  • Question 7/10
    1 / -0

    सूर और शूर का क्या अर्थ है?

    Solutions

    भिन्नार्थक शब्द का अर्थ होता है समान लगने वाला परन्तु भिन्न। जो शब्द सुनने में एक जैसे लगते हैं पर उनके अर्थ अलग होते हैं।

    सूर (अँधा) = शूर (वीर)

     

  • Question 8/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: नीचे दिए गए गधान्श को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

    आज के इस भौतिक युग में यदि मनुष्य, मनुष्य के साथ सद्व्यवहार करना नहीं सीखेगा, तो भविष्य में वह एक-दूसरे का घोर विरोधी ही होगा। यही कारण है कि वर्तमान में धार्मिकता से रहित आज की यह शिक्षा मनुष्य को मानवता की ओर न ले जाकर दानवता की ओर लिए जा रही है।

    जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है।

    ऐसी स्थिति में विचार कीजिए कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ वाला हमारा स्नेहमय मूलमंत्र कहां गया? विश्व के सभी मनुष्य जब एक ही विधाता के पुत्र हैं और इसी कारण यह संपूर्ण विशाल विश्व एक विशाल परिवार के समान है,

    तो पुन: परस्पर संघर्ष क्यों? यह विचार केवल आज का नहीं है। समय-समय पर संसार में प्रवर्तित अनेक प्रमुख धर्र्मो में इस व्यापक और परम उदार विचारकण का सामंजस्य पुंजीभूत है। मानवता मनुष्य का धर्म होती है।

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    उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक क्या है?

    Solutions

    जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है। सभी मनुष्य जब एक ही विधाता के पुत्र हैं और इसी कारण यह संपूर्ण विशाल विश्व एक विशाल परिवार के समान है,तो पुन: परस्पर संघर्ष क्यों?

    अतः गद्यांश में मनुष्य द्वारा मानवता को हानि और मनुष्य को मनुष्य जाति का विरोधी बताया गया, दिए गए गद्यांश में उचित शीर्षक मनुष्य, मनुष्य का विरोधी है।

     

  • Question 9/10
    1 / -0

    Directions For Questions

    निर्देश: नीचे दिए गए गधान्श को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

    आज के इस भौतिक युग में यदि मनुष्य, मनुष्य के साथ सद्व्यवहार करना नहीं सीखेगा, तो भविष्य में वह एक-दूसरे का घोर विरोधी ही होगा। यही कारण है कि वर्तमान में धार्मिकता से रहित आज की यह शिक्षा मनुष्य को मानवता की ओर न ले जाकर दानवता की ओर लिए जा रही है।

    जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है।

    ऐसी स्थिति में विचार कीजिए कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ वाला हमारा स्नेहमय मूलमंत्र कहां गया? विश्व के सभी मनुष्य जब एक ही विधाता के पुत्र हैं और इसी कारण यह संपूर्ण विशाल विश्व एक विशाल परिवार के समान है,

    तो पुन: परस्पर संघर्ष क्यों? यह विचार केवल आज का नहीं है। समय-समय पर संसार में प्रवर्तित अनेक प्रमुख धर्र्मो में इस व्यापक और परम उदार विचारकण का सामंजस्य पुंजीभूत है। मानवता मनुष्य का धर्म होती है।

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    मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण किस लिए कर रहा है?

    Solutions

    गद्यांश से, जहां एक ओर मनुष्य आणविक शस्त्रों का निर्माण कर मानव धर्म को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अन्य घातक बमों का निर्माण कर अपने दानव धर्म का प्रदर्शन करने पर आमादा है।

     

  • Question 10/10
    1 / -0

    गोदान उपन्यास के लेखक का नाम हैं।

    Solutions

    हिन्दी के सर्वोत्तम साहित्यकारों में से एक उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया गोदान हिन्दी के ही नहीं बल्कि संसार में किसी भी भाषा का सबसे अच्छा उपन्यास है।

    प्रेमचन की अन्य – गोदान, ग़बन, कर्मभूमि, निर्मला, प्रतिज्ञा

     

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