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Bihar Sec Teacher Hindi Test 418
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Bihar Sec Teacher Hindi Test 418
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  • Question 1/10
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    पहला गिरमिटिया’ किसके जीवन पर आधारित उपन्‍यास है?
    Solutions

    पहला गिरमिटिया उपन्यास की रचना 1999 में गिरिराज किशोर ने की। इस उपन्यास का नायक मोहनदास है।

    महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका के जीवन संघर्ष पर पहला गिरमिटिया उपन्यास आधारित है।

    गिरिराज किशोर के अन्य उपन्यास हैं- लोग (1966), चिड़ियाघर (1968), यात्राएं (1971), ढाई घर (1991) आदि।

  • Question 2/10
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    काव्य का वह गुण जो चित्त में तेज और स्फूर्ति का संचार करता है, कौन-सा गुण कहलाता है?
    Solutions

    काव्य का वह गुण जो चित्त में तेज एवं स्फूर्ति का संचार करता है वह ओजगुण कहलाता है। ओज गुण में ट, ,, , फ आदि कठोर वर्गों का प्रयोग किया जाता है।

  • Question 3/10
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    ‘कृष्णाश्रयी’ काव्यधारा के प्रमुख कवि कौन हैं?
    Solutions
    • कृष्णाश्रयी काव्य धारा - जिन सगुण भक्त कवियों के द्वारा विष्णु के अवतार रूप में कृष्ण को अपने काव्य का विषय बनाया गया, उसे ही कृष्णाश्रयी काव्य धारा कहते हैं।
    • अष्टछाप - कृष्ण की उपासना करने वाले आठ प्रमुख कवियों के समूह को अष्टछाप के नाम से पुकारा जाता है। इसकी स्थापना 1565 ई. में बल्लभाचार्य जी के पुत्र गोस्वामी विट्ठलनाथ जी के द्वारा की गई। इन आठ कवियों में चार बल्लभाचार्य जी के तथा चार विट्ठलनाथ जी के शिष्य माने जाते हैं।

    'अष्टछाप' के कवि -

    • बल्लभाचार्य के शिष्य - 1. सूरदास, 2.कुम्भन दास, 3. परमानंद दास, 4. कृष्ण दास
    • विट्ठलनाथ के शिष्य - 5. छीत स्वामी, 6.गोविन्द स्वामी, 7. चतुर्भुज दास, 8. नंद दास

    सूरदास जी

    • जन्म - 1478 ई. में (1535 विक्रम संवत)
    • जन्म स्थान - दिल्ली के पास सिही गाँव - डॉ. नगेन्द्र
    • निधन - 1583 ई. (1640 विक्रम)
    • रचनाकर्म - सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी
  • Question 4/10
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    "कला और बूढ़ा चांद" काव्य को 1960 में हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया, जिसके लेखक थे?
    Solutions
    • कला और बूढ़ा चांद काव्य को 1960 में हिंदी साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया जिसके लेखक सुमित्रानंदन पंत थे। "कला और बूढ़ा चांद" की शैली काव्य थी। इसमें उनकी सन् 1958 में लिखी गई कविताएँ हैं।
    • हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानंदन पंत है।
    • उनकी प्रमुख कृतियों में- उच्छ्वास, पल्लव, वीणा, ग्रन्थि, गुंजन, ग्राम्या, युगांत, युगांतर, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, कला और बूढ़ा चाँद
  • Question 5/10
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    Directions For Questions

    प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है?

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    "हे प्रभो आनंददाता ज्ञान हमको दीजिये।
    शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये।
    लीजिए हमको शरण में, हम सदाचारी बने।
    ब्रह्मचारी, धर्मरक्षक वीर व्रतधारी बनें।"
    Solutions
    गीतिका छंद -  यह एक मात्रिक छंद है। इसके चार चरण होते है। प्रत्येक चरण में 14 और 12 यति से 26 मात्राएँ होती है। अंत में क्रमश: लघु-गुरु होता है।
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    "हे प्रभो आनंददाता ज्ञान हमको दीजिये।
    शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये।
    लीजिए हमको शरण में, हम सदाचारी बने।
    ब्रह्मचारी, धर्मरक्षक वीर व्रतधारी बनें।"
  • Question 6/10
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    निम्नलिखित में से असत्य कथन है -
    Solutions
    • दिए गए विकल्पों में a विकल्प असत्य है क्योंकि सुभद्रा कुमारी चौहान का 'बिखरे मोती' पहला कहानी संग्रह है।
    • 'बिखरे मोती' उनका पहला कहानी संग्रह है। इसमें भग्नावशेष, होली, पापीपेट, मंझलीरानी, परिवर्तन, दृष्टिकोण, कदम के फूल, किस्मत, मछुये की बेटी, एकादशी, आहुति, थाती, अमराई, अनुरोध, व ग्रामीणा कुल 15 कहानियां हैं।
    • यह कहानियां नारी विमर्श पर केंद्रित हैं।
    • उन्मादिनी शीर्षक का दूसरा कथा संग्रह 1934 में छपा।
  • Question 7/10
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    "वाह ! ये तो किसी अजूबे से कम नहीं।" वाक्य का प्रकार है -
    Solutions

    वाह ! ये तो किसी अजूबे से कम नहीं।" वाक्य में वाह! शब्द का प्रयोग किया गया है। इन शब्द से हर्ष की भावना व्यक्त हो रही है। अतः ये शब्द विस्मयदिबोधक के अंतर्गत आयेंगे।
    विस्मयादिबोधक - ऐसे शब्द जो वाक्य में आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि भाव व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त हों, वे विस्मयादिबोधक कहलाते हैं। 
    विस्मयादिबोधक के प्रकार -
    1.शोकबोधक
    2.तिरस्कारबोधक
    3.स्वीकृतिबोधक
    4.विस्मयादिबोधक
    5.संबोधनबोधक
    6.हर्षबोधक
    7.भयबोधक

  • Question 8/10
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    निम्नलिखित में से मिश्रवाक्य का चयन कीजिए-
    Solutions

    मिश्र वाक्य - ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ साथ कोई भी दूसरा उपवाक्य शामिल हो, उन वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता है।

    मिश्र वाक्य के निर्माण में प्रधान वाक्य और आश्रित उपवाक्य को जोड़ने के लिए बहुत सारे संयोजक अव्यय का प्रयोग होता है। (कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब)

    अन्य विकल्प –
    अपना कार्य पूर्ण करो और घर जाओ। - संयुक्त वाक्य
    आदित्य या तो स्वयं आएगा या संदेश भेजेगा। - संयुक्त वाक्य
    जल्दी तैयार हो जाओ, नही ंतो ट्रेन चली जाएगी। - संयुक्त वाक्य

  • Question 9/10
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    निम्न दी गयी पंक्ति में कौन-सा छंद है ?

    यों किधर जा रहे हैं बिखर,कुछ बनता इससे कहीं।

    संगठित ऐटमी रूप धर,शक्ति पूर्ण जीतो मही ॥

    Solutions

    उल्लाला सम मात्रिक छन्द है। इसके प्रत्येक चरण में 13-13 मात्राओं के हिसाब से 26 मात्रायें तथा 15-13 के हिसाब से 28 मात्रायें होती हैं। इस तरह उल्लाला के दो भेद होते है। तथापि 13 मात्राओं वाले छन्द में लघु-गुरु का कोई विशेष नियम नहीं है लेकिन 11वीं मात्रा लघु ही होती है।15 मात्राओं वाले उल्लाला छन्द में 13 वीं मात्रा लघु होती है। 13 मात्राओं वाला उल्लाला बिल्कुल दोहे की तरह होता है,बस दूसरे चरण में केवल दो मात्रायें बढ़ जाती हैं। प्रथम चरण में लघु-दीर्घ से विशेष फर्क नहीं पड़ता। उल्लाला छन्द को चन्द्रमणि भी कहा जाता है।

    यों किधर जा रहे हैं बिखर,कुछ बनता इससे कहीं।

    संगठित ऐटमी रूप धर,शक्ति पूर्ण जीतो मही ॥

  • Question 10/10
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    निम्न विकल्पों में से उस विकल्प का चयन करें जो सही विराम चिन्ह युक्त वाक्य का विकल्प है।
    Solutions

    दिए गए विकल्पों में d विकल्प में सही विराम चिन्ह है - यह तेरा व्रत है, तेरा प्रण है, तेरा कर्त्तव्य है। भारत! अपने आपको इस काम के लिए असमर्थ समझ!

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